बहुत कुछ कहना है पर कहूँ भी तो किसे कहूँ
ख़ुद से ही इतना ख़फ़ा ख़फ़ा रहता हूँ आजकल
बडे अरसे से हम single ही हे
क्यूंकी जैसी तैसी पसंद हम रखते नहीं और
जो पसंद हैै उसका Attitude हम सेहते नही
GRs
एक ख़त कमीज़ में उसके नाम का क्या रखा
क़रीब से गुज़रा हर शख़्श पूछता है कौन सा इत्र है जनाब
दो दिल जहां मिले उसे हम लभ स्टेशन कहते हैं
ऐश्वर्या जी मेरी महबूबा उन्हीं के ख्याल में हम रहते हैं
वजह नफरतों की तलाशी जाती है
मोहब्बत तो बेवजह ही हो जाती हैं…!
गुजर जाऊँगा यूँ ही किसी लम्हे सा
और तुम वक़्त में उलझी रहना
Lehron se khailna to sagar ka shoq hai
Lagti hai chott kaise, kinaroon se poochiye
अरे तुम भी निकले हो वफ़ा की तलाश में
यकीन मानो नही मिलती नही मिलती नही मिलती
kabhi kabhi meri ankhain yun he roo parti ha
main in ko kaisay samjaon k koi shakhs chahne se apna nhi hota
आता नहीं हमें इकरार करना न जाने कैसे सीख गए प्यार करना
रुकते न थे दो पल किसी के लिए न जाने कैसे सीख गए इंतज़ार करना
सुनो नफरत है मुझे हर एक आईने से
जो बड़ी गौर से देखता है तुझे
तेरे ही वफ़ा के सिलसिले बदल गए हैँ
मुझे तो आज भी तुमसे अज़ीज कोई नहीँ
बिछड़ के वो रोज मिलती है मुझ से ख्वाब में दोस्तों
अगर ये नींद ना होती तो में मर गया होता
फैसले से पहेले कैसे मान लूं हार क्योंकी
वक्त अभी जीता नहीँ और मैं अभी हारा नही
er kasz
किसी भी मौसम में ख़रीद लीजिये ज़नाब
मोहब्बत के ज़ख्म हमेशा ताजा मिलेंगे
Uryani o fahashi ko jo kehty hyn taraq qi . .
Khadim hyn vo uorap k muslman ni hyn
Jo me na kar sakka vo tumne mujhse kara diya
Or jo tum na kara sake vo waQt ne mujhse kara diya
er kasz
Chala ata hai tera aks khayalon me mery,
Tujh ko na sahi teri rooh ko mahobbat he mujhse.
Suno Wo Jo Tera kch Ni Lgta
Tujh Bin Pareshan Rhta Hai
आईने से ले नहीं सकता कोई भी इन्तेक़ाम
एक टूटेगा हज़ारों को जनम दे जायेगा
