मोहब्बत छोड के हर एक जुर्म कर लेना
वरना तुम भी मुसाफिर बन जाओगे हमारी तरह इन तन्हा रातों के
er kasz
हम किसी के लिए उस वक़्त तक स्पेशल है
जब तक उन्हें कोई दूसरा नहीं मिल जाता
कुछ लोग मेरी शायरी से सीते हैं अपने जख्म
कुछ लोगों को मैं चुभता हूँ सुई की नोक के जैसे
शिकायत मौत से नहीँ अपनो से थी मुझे
ज़रा सी आँख बंद क्या हुई वो कब्र खोदने लगे !
बडी अजीब खमोश जंग है मोहब्बत की
खुद से ही लडते है किसी बेवफा के लिये
इससे बड़ी जीत मेरी क्या होगी
कि ये दिल सिर्फ तुम पे हारा है
क्यों न सज़ा मिलती हमें मोहब्बत में आख़िर
हमने भी बहुत दिल तोड़े थे उस शख्स की ख़ातिर.....
कुछ नहीँ था मेरे पास खोने को
जब से मिले हो तुम डर गया हूँ मैँ
कौन खरीदेगा अब हीरो के दाम में तुम्हारे आँसु
वो जो दर्द का सौदागर था मोहब्बत छोड़ दी उसने
छेड़कर जमानेभर की लड़कियों को रोया वो रातभर
जिस रोज घर उसके बिटिया ने जन्म लिया
लुटा चुका हूँ बहुत कुछ, अपनी जिंदगी में यारो
मेरे वो ज़ज्बात तो ना लूटो जो लिखकर बयाँ करता हूँ
Bolu agar jhoot tu mar jayega zameer
keh doo n agar main sach to mujhe maar denge log
लुटा चुका हूँ बहुत कुछ, अपनी जिंदगी में यारो,
मेरे वो ज़ज्बात तो ना लूटो, जो लिखकर बयाँ करता हूँ.
Wo Mujhse Door Rehkar Khush Hai Toh Rehne Do Use
Mujhe Chahat Se Zyada Uski Muskurahat Pasand hai
बदल जाऊँगी मैं भी इक दिन पूरी तरह
तुम्हारे लिये न सही तुम्हारी वजह से यकीनन
उस्ताद ए इश्क सच कहा तूने बहुत नालायक हूँ मै
मुद्दत से इक शख्स को अपना बनाना नही आया
Buhat yaad karta hay koi humein dil se
Na jane dil se yeh weham kiun nahe jata
अपने उसूल कभी यूँ भी तोड़ने पड़े खता उसकी थी
हाथ मुझे जोड़ने पड़े
अब तो बहुत कम है दर्द मेरे दिल का
सुना है किसी से पूछा था उसने हाल मेरा
मत करवाना इश्क ए दस्तूर हर किसी को ए ख़ुदा.
हर किसी में जीते जी मरने की ताक़त नहीं होती...
