बहुत थे मेरे भी इस दुनिया मेँ अपने
फिर हुआ इश्कऔर हम लावारिस हो गए
पानी में तैरना सीख ले मेरे दोस्त
आँखों में डूबने वालों का अन्जाम बूरा होता है
जो तड़प तुझे किसी आईने में न मिल सके..
तो फिर आईने के जवाब में मुझे देखना.!
koi pathar sa dil la do.
mujy is duniya ma jeena ha….
Mosam Ki Khusgawari Ka Aik Hi Ishara Hai,
Yadein Hai Jiski Woh Yar Humara Hai.
Buhat yaad karta hay koi humein dil se
Na jane dil se yeh weham kiun nahe jata
Bharosa Mat Karna Is Duniya Ke Logon Pe
Mujhe Tabah Karne Wala Mera Bahot Azeez Tha
मैंने दिल के दरवाजे पर लिखा अंदर आना सख्त मना है
प्यार हँसता हुआ आया और बड़ी मासूमियत से बोला मुझे माफ करना मैं तो अन्धा हूँ
Kitna Dilchasp Hai Izhar e Mohabbat Us Ka
Apni Tasweer Saja Di Meri Tasweer K Sath
मैं अपनी चाहतों का हिसाब करने जो बेठ जाऊ
तुम तो सिर्फ मेरा याद करना भी ना लोटा सकोगे
ये जो डूबी हैं मेरी आँखें अश्कों के दरिया में
ये मिट्टी के पुतलों पर भरोसे की सजा है
रातों को ख्वाबों में दिल में समा जाती हो तुम
सुबह होते ही फिर क्यों चली जाती हो तुम
मालूम नहीं क्यूँ मगर कभी कभी
अल्फाजों से ज्यादा मुझे तेरा नाम लिखना अच्छा लगता है
मोहब्बत ज़िन्दगी बदल देती है
मिल जाए तब भी ना मिले तब भी
तू इक क़दम भी जो मेरी तरफ बढ़ा देता
मैं मंज़िलें तेरी दहलीज़ से मिला देता
संभलकर रहना हसीनों से ये दिल पर वार करती हैं
पहले तो दीवाना बनती हैं फिर बदनाम करती हैं
बस ऐक चहेरे ने तन्हा कर दिया हमे
वरना हम खुद ऐक महेफिल हुआ करते थे
वो लफ्ज कहां से लाऊं जो तेरे दिल को मोम कर दें;
मेरा वजूद पिघल रहा है तेरी बेरूखी से.
लफ़्ज़ अल्फ़ाज़ कागज़ और किताब
कहाँ कहाँ नहीं रखता तेरी यादों का हिसाब
er kasz
Us Ki Aankhoon Main Nazar Aata Hai Saara Jahan
Mujh Ko Afsoos K Un Aankhoon Main Kabhi Khud Ko Nahi Daikha…
