हम तो रो भी नहीं सकते उसकी याद में उसने एक बार कहा था
मेरी जान निकल जाएगी तेरे आंसू गिरने से पहले
तुझे जमाने का डर है मुझसे बात न कर
दिल में कोई और है तो मुझसे बात न कर
कभी फूर्सत मे हिसाब करेगे
मेरी वफाऐ ज्यादा थी या तेरे सितम
उम्र गुज़र गई उससे बिछड़े अब मुझे ज़माना हो गया है
मेरा ग़म भी बढ़ते बढ़ते और सुहाना हो गया है
मयखाने से पूछा आज इतना सन्नाटा क्यों है
बोला साहब लहू का दौर है शराब कौन पीता है
मुस्कान भरे चेहरे के पीछे कितनी तड़प कितनी आग है
एक शायर कहीं छिपा हुआ था चेहरा दिखाया आज है
वो भी जिन्दा है मै भी जिन्दा हूँ
कत्ल तो सिर्फ इश्क का हुआ है
कौन खरीदेगा अब हीरो के दाम में तुम्हारे आँसु
वो जो दर्द का सौदागर था मोहब्बत छोड़ दी उसने
Narm Narm Phoolo’n Ka Ras Nichor Leti Hain Wasi
Pathar K Dil Hote Hain Titliyon K Seene Main….
मुझे भी जरुरुत है तेरी बाहो की
दुनिया के वजूद और दुनिया के रास्ते बहुत कमजोर है
मैं वह खोयी हुई चीज़ हूँ
जिसका पता तुम हो
नाराजगी डर नफरत या फिर प्यार
कुछ तो जरुर है जो तुम मुझ से दूर दूर रहते हो
Bharosa Dua Wafa Khawab Maan Mohabbat
Kitne Naam on Mein Simte Ho Sirf Ek Tum
गरूर तो नहीं करता लेकिन इतना यक़ीन ज़रूर है..
कि अगर याद नहीं करोगे तो भुला भी नहीं सकोगे.!!!
नशा तब दोगुना होता है
जब जाम भी छलके और आँख भी छलके
er kasz
मुद्दतों से,
उसके इंतजार में हूँ यारों...
कही पढ़ लिया था,
कि..
सच्ची मोहब्बत लौटकर आती
है......
जल गया सारा जमाना हम से
जब हमने हर दुऑ मै तेरा साथ मांगा
Na Koi Daikh Le Tuj Ko Meri Aankhon K Raste Se
Teri Masoom Si Sorat Chupaye Dil Mai Baitha Hon…..
बड़ी मुश्किल से सुलाया है ख़ुद को मैंने
अपनी आंखों को तेरे ख़्वाब क़ा लालच देकर
गुनाह मुझे मेरे सामने गिनवा दो
बस जब कफ़न में छुप जाऊ तो बुरा न कहना
