न जी भर के देखा न कुछ बात की
बडी आरज़ु थी मुलाकात की
ज़िन्दगी बहुत ख़ूबसूरत है सब कहते थे
जिस दिन तुझे देखा यकीन भी हो गया
लुटा चुका हूँ बहुत कुछ, अपनी जिंदगी में यारो
मेरे वो ज़ज्बात तो ना लूटो जो लिखकर बयाँ करता हूँ
ये तो सच है क़ि हमें चाहने वाले बहुत हैं
पर ये भी ज़िद है क़ि हमें सिर्फ तुम चाहो
तुझे याद करना न करना अब मेरे बस में कहाँ
दिल को आदत है हर धड़कन पे तेरा नाम लेने की
Uski aankhon me koi gum bsa hai shayd Ya mujhe beham hua hai shayd
Maine pucha bhul gyi kya mere ko Muskura kar kaha usne SHAYAD
कैसे ना मर मिटू उस पर यारों कोई तो बताना
पगली रूठ कर भी कहती है सुनो संभल के जाना
सच कहते हैं हम कि तुम्हें अपना बनाएंगे
आज नहीं तो कल तुम्हें अपनी पलकों पर बिठाएंगे
दिल तो तब खुश हुआ मेरा जब उसने कहा
तुम्ह छोड़ सकती हूँ माँ बाप को नही
ये कोन चुरा ले गया चेन ए सुकून मेरे नशीब से
गुजरा जरुर था एक दोर इश्क का मेरे करीब से
ऐसी गरमी में बीयर पिलाना बहुत पुण्य का काम है
शास्त्रो में लिखना रह गया था...
तोहफे में मत गुलाब लेकर आना
कबर पे मत चिराग लेकर आना
बहुत प्यास है बरसो से ऐ दोस्त
जब आना तो एक किंगफ़िशर और दो ग्लास लेकर आना
मैं उस किताब का आखिरी पन्ना था
मैं न होता तो कहानी खत्म न होती
तुम्ही आकर थाम लो ना मुझे
सब ने छोड़ दिया है मुझे तेरा समझकर
हर एक शक्स खफा मुझसे अंजुमन में था
क्यूँकि मेरे लब पे वही था जो मेरे मन में था
की बाशिंदे हे हम उस आशियाने के
जिसके चमन में मुहब्बत कहानी सी रह गई
Neend Bhi Nilaam Ho Jaati Hai Baazaar e Ishq Mein
Itna Aasan Nahi Hai Kisi Ko Bhula Kar So Jaana
कितना मुश्किल है मनाना उस शख्स को
जो रूठा भी न हो और बात भी न करे
कोई पूछता है मुझसे जब मेरी जिंदगी की कीमत
मुझे याद आ जाता है तेरा हल्का सा मुस्कुराना
अब इतना भी सादगी का जमाना नही रहा
की तुम वक़्त गुजारो और हम प्यार समझें
कीसी रोज फुरसत मिले तो, आना हमारी महफिल में
हम शायरी नहीं, दर्दे ए इश्क सुनाते है
