क्यों लगते हो दिल में आग इस आग से डरते हैं हम
क्यों नाहक तडपते हो जब तुमसे प्यार करते हैं हम
कीसी रोज फुरसत मिले तो, आना हमारी महफिल में
हम शायरी नहीं, दर्दे ए इश्क सुनाते है
समझा दो अपनी यादों को तुम ज़रा
दिन रात तंग करती हैं कर्ज़दार की तरह
Dil se hum jise pyar karenge sach kehte h zindagi sawar denge,
Dekh lena taras jayege wo umra bhar ke liye jisko hum dil se nikal
सुनो जिसका डर था वोही हो गया
मोहब्बत हो गयी है
Lehron se khailna to sagar ka shoq hai
Lagti hai chott kaise, kinaroon se poochiye
हाल तो पुंछ लू तेरा पर डरता हूँ आवाज़ से तेरी..
ज़ब ज़ब सुनी हें कमबख्त मोहब्बत ही हुई हें...
महसूस जब हुआ कि सारा शहर मुझसे जलने लगा है
तब समझ आ गया कि अपना नाम भी चलने लगा है
Kya khabar thi jaana hame pyaar ho jayega
Dil tumhare liye beqarar ho jayega
बात तो सिर्फ जज़्बातों की है वरना,
मोहब्बत तो सात फेरों के बाद भी नहीं होती....!!
अकसर वही रिश्ता लाजवाब होता है
जो ज़माने से नहीं ज़ज़्बातों से जन्मा होता
दुपट्टे में पिन लगा लो कहीं ये सरक न जाए
आई जवानी है तो प्यार कर लो कहीं ये चली न जाए
पत्थर की दुनिया जज़्बात नही समझती,
दिल में क्या है वो बात नही समझती,
तन्हा तो चाँद भी सितारों के बीच में है,
पर चाँद का दर्द वो रात नही समझती…
Badi hi shiddat se intzaar hai wapis tere aane ka
Kya pta shayad ho koi bahana tere pas aane ka
जो चीज़ मेरी है उसे मेरे सिवा कोई और ना देखे
इंसान भी मोहब्बत में बच्चों की तरह सोचता है
हाथो मे हाथ लिये बैठे हो और मांगते हो जाने की इजाजत
तुम भी ना
Tere Payar Me Doob ke Ye Makaam Mila hy Mujhe JAAN
Jise dekhoon Wo shakss Tera Haal Pochta hai mujhse
Dil Ki Hasrat Zuban Pe Aane Lagi
Tune Dekha Aur Zindagi Muskurane Lagi
Ye Ishq Ki Inteha Thi Ya Deewangi Meri
Har Soorat Me Soorat Teri Nazar AaneLagi
तुम्हें सोचते बहुत हैं,मग़र लिखते कम हैं
कि मेरे अल्फ़ाज़ तुम्हारी तारीफ़ के क़ाबिल कहाँ
आप रूठा ना करो यू हमसे मेरे दिल की धड़कन बढ़ जाती है
दिल तो आपके नाम कर चुकी हु जान बस बाकि है वो भी निकल जाती है
