सुनो ये जो तुमने अपना अंदाज बदला है
ये वाकई बदला है या किसी बात का बदला है
शायर बना दिया अधूरी मोहब्बत ने
मोहब्बत अगर पूरी होती तो हम भी एक ग़ज़ल होते
मुहोब्बत नहीं थी उसे मुझसे ये जानता था मैं
फिर भी ये बात कहाँ मानता था मैं
er kasz
Yaad Ata Hai Wo Pyar Uska
Uske Pyar Ko Dil Se Mitaau Kaise.
Wo To Auron Ke Sath Khush Hai,
Par Mai Apna Dil Gairon Se Lagau Kaise.??
तेरे बिना मैं ये दुनिया छोड तो दूं पर उस माँ दिल कैसे दुखा दुं
जो रोज दरवाजे पर खडी कहती है “बेटा घर जल्दी आ जाना “
Khushiyan Bohot Tarasti Hain Milnay Ke Liye Mujhse
wah wah
Or Ghamo Ne To Jese Apne Behn Ki Mangni Kardi Mujhse
haQikat to bas Etni hai
ke vo haQikat se AanjaaN hai
er kasz
ना शाख़ों ने जगह दी ना हवाओ ने बक़शा
वो पत्ता आवारा ना बनता तो क्या करता
er kasz
Ek khwaish hai khuda se ke vo har kissi ko tere jaisa pyar de
Kyuki vo zindgi me kuch bane ya na banne Salla Shayar to Jarur ban jayega
er kasz
सोच रखी है बहुत सी बाते तुम्हे सुनाने को
तुम हो, के आते ही नहीं हमें मनाने को
Mere halaat dekh kar mohobbat bhi sharminda hai
Ye jo shaks sab kuch gawa chuka aaj bhi zinda hai
er kasz
जो मेरे बूरे वक्त मे मेरे साथ हैं में उन्हें वादा करता हूँ
मेरा अच्छा वक्त सिर्फ उनके लिये होगा
Dhadkano Ko Bhi Rasta Dijiyea Saahib
Aap To Poore Dil Par Qabza Kiyea Baithe Hai
जहा हर बार अपनी बातो पर सफाई देनी पड़ जाए.
वो रिश्ते कभी गहरे नही होते ..!!
Roj Dhalta hua suraj teri yadd ki yadd dilata hai
Ke bhul mat oh musafir kal phir milna hai
आज रात मैंने अपने दिल से उसका रिश्ता पूछा
कम्बख्त कहता है जितना मैं उसका हूॅ उतना तेरा भी नही ..
जिंदगी से कोई दुश्मनी नही मेरी
एक ज़िद है की बस तेरे बिना नही जीना
किसी ने आज पूछा हमसे कहाँ से लाते हो ये शायरी
मैं मुस्करा के बोला उसके ख्यालो मे डूब कर
कुछ तो संभाल कर रखते
देखो मुझे भी खो दिया तुमने
किसके हैं हम बस तुम्हारे ही तो हैं
उन के ये अल्फाज़ झूठे तो थे मगर ग़ज़ब के थे
