Akele chalne ki Aadat dall le oo musafir
kyuki tere safar me humsafar ka koi nishan nahi
er kasz
खुल जाता है उनकी यादो का बाजार हर शाम
फिर अपनी रात उसी रौनक मेँ गुजर जाती है
er kasz
हजारों चेहरों में एक तुम ही पर मर मिटे थे..
वरना..
ना चाहतों की कमी थी और ना चाहने वालों की..!
अपनी जवानी में और रखा ही क्या है कुछ तस्वीरें यार
की बाकी बोतलें शराब की
पानी से भरी आँखें लेकर वह मुझे घूरता ही रहा,
वह आईने में खङा शख्स परेशान बहुत था आज ..!!
हमने खुशियोँ की तिजोरी उनके हवाले की थी,
लेकिन कमबख्त को मेरी हंसी ही चुरानी थी!!
पलकों को अब झपकने की आदत नहीं रही
जाने क्या हुआ है तुम्हें देखने के बाद
Kyu hasate ho yaaro dard sa hota hai
Dard lekr jana Hr haseen chehra Be-dard sa hota hai
कितने आसान से लफ़्ज़ों में कह गया वो..
के बस दिल ही तोडा है कोनसी जान ली है..
इतना भी गुमान न कर अपनी जीत पर ए बेखबर
शहर मे तेरी जीत से ज्र्यादा चर्चे तो मेरी हार के हैँ
er kasz
जरा बताओ तो किसे गुरुर है अपनी दौलत पर
चलो उसे बादशाहों से भरा कब्रस्तान दिखाता हु
er kasz
इतनी मुश्किल भी ना थी राह मेरी मुहब्बत की
कुछ ज़माना खिलाफ हुआ कुछ वो बेवफा हो गए
मैने किस्मत की लकीरों पर यकीन करना छोड़ दिया है..!!
जब इंसान बदल सकते है तो लकीरे क्यों नहीं ....!
बदल जाती हो तुम कुछ पल साथ बिताने के बाद
यह तुम मोहब्बत करती हो या नशा
तुझे देखकर ही शुरू होती है मेरी हर सुबह
फिर कैसे कह दूँ के मेरे दिन खराब है
भूल जाना तुम मुझे पर ये याद रखना
तेरी रूह रोयेगी जब कोई मेरा नाम लेगा
कही आदत ना हो जाये जिंदगी की,
इसलिए! रोज़ रोज़ थोड़ा थोड़ा मरते है हम...!!
Uth Na jaye Aitbaar Kahin Zamany Ka
Ay Muhabbat Kisi Ko To Rasssss Aa
Dil lagi na ho jaye kisi se ye khayal rakhna
Tanha din to guzar jata hai lekin raatein maar deti hain
किसी के दिल में क्या छुपा है ये बस खुदा ही जानता है
दिल अगर बेनकाब होता तो सोचो कितना फसाद होता
